बारिश के बाद उफान पर ब्यारमा नदी, पुल डूबा, सड़क संपर्क टूटा और फिर मानसून का तांडव!
मानसून ने जोरदार एंट्री करते ही असर दिखाना शुरू कर दिया है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को जहां गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं तेज बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। तेंदूखेड़ा क्षेत्र में झमाझम बारिश के बाद ब्यारमा नदी उफान पर आ गई है, जिससे एक पुलिया पूरी तरह पानी में डूब गई और सड़क संपर्क टूट गया है। गुरुवार दोपहर से एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के कई हिस्सों में मानसून की पहली तेज बारिश शुरू हुई। लेकिन सबसे ज्यादा असर तेंदूखेड़ा ब्लॉक में देखने को मिला, जहां लगातार बारिश के चलते ब्यारमा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। जैतगढ़ के पास स्थित पुलिया पानी में डूब गई, जिसके कारण तेंदूखेड़ा से तारादेही जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद हो गया।
पुलिया पर पानी भरने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कई लोग घंटों से रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश रुक भी जाती है, तब भी पुलिया से पानी उतरने में चार से पांच घंटे तक का समय लग सकता है। तब तक यात्रियों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। तेंदूखेड़ा क्षेत्र में यह समस्या नई नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में यहां बनी छोटी पुलियां पानी में डूब जाती हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवश्यक कामों के लिए भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
हालांकि दमोह शहर में भी पिछले दो घंटे से लगातार बारिश जारी है, जिससे मौसम सुहाना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। जून महीने में बारिश नहीं होने से लोग उमस से परेशान थे, लेकिन अब मानसून की दस्तक के साथ किसानों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई देने लगी है। किसान अब अपने खेतों में बोनी की तैयारी शुरू करने लगे हैं। लेकिन मानसून की यह शुरुआत राहत के साथ-साथ प्रशासन के लिए चुनौती भी बनती दिखाई दे रही है।