मानसून से निपटने प्रशासन की तैयारी, अतिक्रमण और जर्जर भवनों को हटाने की कार्यवाई शुरू
अधिकतर जगहों पर मानसून की शुरुआत हो चुकी है कुछ जगह अभी मानसून दस्तक दे रहा है जिससे निपटने प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहा है ताकि जान माल का नुकसान न हो। साथ ही नदियों में बढ़ रहे जलस्तर से निपटने नदी नालों से अतिक्रमण हटाए जाने की कार्यवाई की जा रही है। इसके अलावा जर्जर भवनों को भी हटाया जा रहा है। एमपी के रीवा जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
जहां कुछ जगहों पर संभावित बाढ़ और जलभराव को लेकर जोरों शोरों से तैयारियां की जा रही हैं। बताया गया की बारिश के मौसम में बीहर और बिछिया नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ शहर में जलभराव की समस्या भी देखने को मिलती है। ऐइसलिए प्रशासन मुस्तैद है। नदी-नालों के आसपास किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। जर्जर भवनों को चिन्हित कर नोटिस दिए जा रहे हैं। साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपदा की स्थिति से निपटने अलर्ट पर रखा गया है।
बताया जा रहा है की हर साल बारिश के दौरान बीहर और बिछिया नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनती है। जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। जिससे आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
बारिश के दौरान पानी की निकासी बनी रहे। इसको लेकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों के आसपास किए गए अस्थायी अतिक्रमणों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की माने तो नालों और जल निकासी मार्गों पर हुए अतिक्रमण बारिश के समय जलभराव का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। इसलिए ऐसे अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की जा रही है। जिससे बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के निकल सके।
इसके अलावा शहर और जिले में जर्जर और खतरनाक भवनों का सर्वे भी कराया जा रहा है। ऐसे भवनों को चिन्हित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन ने साफ़ किया की बारिश शुरू होने से पहले ज्यादा जर्जर भवनों को गिराने और सुरक्षित कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। ताकि जनहानि न हो। प्रशासन ने नगर निगम, राजस्व विभाग, पुलिस, होमगार्ड और आपदा प्रबंधन सभी सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतते हुए अपील भी की है।------