एक हफ्ते से कॉलोनी में डेरा जमाये था सांप, लोगों में थी दह-शत, जेसीबी की मदद से किया रेस्क्यू
मानसून की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में जहरीली जीव जंतुओं के बाहर निकलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसी तरह सिविल लाइन कॉलोनी में एक विशाल सांप करीब हफ्ते भर से डेरा जमाये हुए था। जिससे लोगों में दहशत बनी हुई थी। जब वह ऊंचे पेड़ की डाल पर जाकर बैठा तो जेसीबी मशीन की मदद से सर्प मित्र ने उसका सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। तस्वीरें छिंदवाड़ा के सिविल लाइन कॉलोनी की हैं। विशाल मादा धामन प्रजाति की है। सर्प विशेषज्ञों का कहना है की धामन पूरी तरह से विषहीन होती है। जो पर्यावरण के लिए एक रक्षक की तरह काम करती है।
बताया गया की सिविल लाइन इलाके में पिछले करीब एक हफ्ते से विशाल सांप को घूमते हुए देखा जा रहा था। जिससे लोगों में दहशत बनी हुई थी। शनिवार सुबह जब यह सांप कॉलोनी के ही एक ऊंचे पेड़ पर दिखाई दिया तो स्थानीय लोगों ने शहर के जाने-माने सर्पमित्र हेमंत गोदरे को सूचना दी। पेड़ की ऊंचाई काफी ज्यादा थी। जिससे आसानी से रेस्क्यू करना संभव नहीं था। इसीलिये मौके पर जेसीबी मशीन बुलाई गई। सर्पमित्र ने जेसीबी की बकेट पर चढ़कर सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
विशेषज्ञों की माने तो मानसून का मौसम धामन सांपों के प्रजनन के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान मादा धामन अंडे देने के लिए किसी सुरक्षित, सूखी और शांत जगह की तलाश में निकलती है। इसी खोज में वे लगातार अपना ठिकाना बदलती हैं और अक्सर खेतों या बगीचों से होते हुए इंसानी बस्तियों और रिहायशी कॉलोनियों तक पहुंच जाती हैं। जो किसान की मित्र और प्राकृतिक प्रहरी है धामन सांप जहरीला नहीं होता न ही यह इंसानों को कोई नुकसान पहुंचाता है।