बिजली खंबे पर काम करते समय कर्मचारी को लगा झटका,नीचे गिरने से गई जान, परिजनों का बुरा हाल
विद्युत पोल पर काम करते समय एक कर्मचारी को करंट का जोरदार झटका लगा वह नीचे गिरा और उसकी जान चली गई। एक पल में हँसता खेलता हुआ परिवार उजड़ गया। घटना के बाद परिजनों का लापरवाह अफसरों पर गुस्सा फूट पड़ा। उनकी माने तो इस संकट की घड़ी में बिजली कम्पनी का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी न तो मौके पर पहुंचा न प्रशासन ने कोई सुध ली। दर्दनाक घटना उज्जैन जिले के इंदौर रोड स्थित पंथ पिपलई से सामने आई है।
बताया जा रहा है की बिजली कंपनी में बीते 12 साल से काम कर रहा कर्मचारी सुनील सोलंकी की ड्यूटी के दौरान खंभे पर काम करते समय करंट लग गया जिससे वह नीचे जा गिरा। गंभीर रूप से घायल सुनील को ग्रामीणों ने आनन-फानन में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने डेड बॉडी का पीएम कराने के बाद परिजनों को बॉडी सौंपी।
वहीं परिजनों का आरोप है कि दुःख की इस घड़ी में बिजली कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी, न ही प्रशासन ने कोई सुध ली। ग्रामीणों की मदद से ही सुनील को अस्पताल पहुंचाया गया और इलाज के प्रबंध किए गए। मृतक की पत्नी और दो मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं। पीड़ित परिवार सड़क पर न्याय की गुहार लगा रहा है। अपनों को खोने का दर्द परिजनों की आंखों में साफ झलक रहा है और वे अब प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
परिवार ने सरकार और बिजली विभाग से तत्काल प्रभाव से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि सुनील ने विभाग के लिए अपनी जान दांव पर लगाई, ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वे परिवार को संभाले। ड्यूटी के दौरान हुई इस घटना पर अब सियासत और विरोध के सुर भी तेज होते दिख रहे हैं। फिलहाल, पूरा परिवार मुआवजे की आस में शासन के अगले कदम का इंतजार कर रहा है। ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।