क्या जा-न से भी कीमती है लकड़ियां, उफनती नदी से लकड़ी निकाल रहे लोग, बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त
क्या कुछ लकड़ियों की कीमत जान से भी ज्यादा है। क्योंकि जो हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं उन्हें देखकर तो यही लग रहा है की लोगों को अपनी जान से प्यारी लकड़ियां हैं। तभी तो लोग अपनी जान हथेली पर रखकर उन्हें नदी के तेज बहाव से निकाल रहे हैं जबकि एक छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। आपको नज़र आने वाला नज़ारा एमपी के डिंडोरी जिले के ग्राम पंचायत बरबसपार के पास बहने वाली तुड़ार नदी से सामने आया है। जहां दो दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। नदी नाले उफान पर आ गए हैं। पानी पुल और रिपटों के ऊपर बाह रहा है। लेकिन फिर भी लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं। और तेज बहाव में बह रही लकड़ी पकड़ने पुल पर जा रहे हैं। ये नज़ारा करंजिया जनपद मुख्यालय के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरबसपार के पास बहने वाली तुड़ार नदी से सामने आया है। बताया जा रहा है की अलसुबह करीब करीब 4 बजे पुल पर बाढ़ के हालात बन गए थे।
जानकारी के मुताबिक डिंडोरी जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। नर्मदा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। करंजिया ब्लॉक में तूड़ार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है तो कुछ इलाकों में लोगों के घरों तक पानी घुस गया है। तूड़ार नदी में बाढ़ आने से चौरा दादर समेत कई ग्रामीण इलाकों का जनपद मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं, मालपुर गांव में नर्मदा नदी का पानी भी छोटे पुल के ऊपर से बह रहा है।
भारी बारिश की वजह से कई लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। घरों में पानी भरने से लोगों को नुक्सान हुआ।
प्रशासन द्वारा लोगों से उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार न करने की अपील की जा रही है। वहीं अगले 24 घंटों में भी जिले में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।