स्कूल की छत बनी काल! तोड़ाई के दौरान मलबे में द बे मजदूर की मौत और फिर!
एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां जर्जर स्कूल भवन को तोड़ने का काम एक मजदूर की जिंदगी पर भारी पड़ गया। पाटन थाना क्षेत्र के कन्तोरा गांव में प्राथमिक स्कूल की छत और दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में दबने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक, एमपी के जबलपुर जिले के कन्तोरा गांव का करीब 20 साल पुराना प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर हो चुका था। प्रशासन ने इसे तोड़कर नया भवन बनाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत नूनसर गांव निवासी मनोज प्रजापति और उनके साथी पवन को भवन तोड़ने का काम सौंपा गया था।
मनोज स्कूल की छत पर ड्रिल मशीन से तोड़ाई कर रहे थे, जबकि नीचे पवन मलबा हटाने का काम कर रहा था। तभी अचानक छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। मनोज भी छत के साथ नीचे आ गिरे और देखते ही देखते ऊपर से दीवार भी ढह गई, जिससे वे मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और ट्रैक्टर व अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मनोज को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं घायल पवन को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अब यह भी जांच का विषय है कि जर्जर भवन तोड़ने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। स्कूल की जर्जर इमारत को गिराने का काम एक परिवार के लिए मातम में बदल गया। अब सवाल यह है कि क्या निर्माण और तोड़ाई के दौरान सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही बरती गई? पुलिस जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी।