एक घंटे नहीं आई एम्बुलेंस ,दर्द से कराहती महिला ने यात्री प्रतीक्षालय में दिया बच्चे को जन्म, ग्रामीणों ने की मदद
फिर एक बार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर शर्मसार करने वाले तस्वीर सामने आई हैं। जिन्होंने सोचने पर मजबूर कर दिया। प्रसूता को समय पर 108 एम्बुलेंस नहीं मिल सकी। जिस ई-रिक्शा से महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था रास्ते में उसकी बैटरी ख़त्म हो गई। जिसके बाद महिला को पास ही यात्री प्रतीक्षालय में लिटा दिया असहनीय दर्द होने के बाद उसने वहीं एक बच्चे को जन्म दिया। मामला दमोह जिले के जबेरा अंतर्गत बम्होरी गांव का है। वहीं इस मामले का एक दुखद पहलु ये भी है की करीब दस दिन पहले आकाशीय बिजली गिरने से महिला के पति की जान जा चुकी है। समय पर एम्बुलेंस न आने के बाद सरपंच ने निजी वाहन से महिला को अस्पताल पहुँचाया।
जानकारी के मुताबिक बम्होरी गांव निवासी 30 साल की कविता बाई को प्रसव पीड़ा हुई। उनके घर गंगाजली कार्यक्रम चल रहा था। क्योंकि दस दिन पहले ही महिला के पति रतन सिंह की आकाशीय बिजली गिरने से जान चली गई थी। परिवार के लोग काम में व्यस्त थे। परिजनों का आरोप है उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस को कॉल किया। लेकिन बताया गया कि एंबुलेंस को पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगेगा। महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए रिश्तेदार उसे ई-रिक्शा से स्वास्थ्य केंद्र ले जाने निकले।
लेकिन रास्ते में बम्होरी बस स्टैंड के पास ई-रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज हो गई। जिससे महिला को पास ही यात्री प्रतीक्षालय में बैठाया गया। एम्बुलेंस का इन्तजार किया जा रहा था। लेकिन तकरीबन एक घंटे तक एम्बुलेंस नहीं पहुंची। महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी। स्थिति को देखते हुए आसपास की महिलाओं को बुलाया गया। जहां साड़ियों की मदद से पर्दा बकर प्रसव कराया गया। बताया गया की अगर समय पर एम्बुलेंस आ जाती तो ये समस्या नहीं बनती। परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
वहीं प्रसव के बाद बम्होरी सरपंच प्रतिनिधि रितेश राय ने मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में मदद की। फ़िलहाल दोनों स्वस्थ हैं। लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।------