सड़क पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म,अस्पताल पहुंचने से पहले 108 एम्बुलेंस ने दिया धोखा!
स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को समय पर 108 एम्बुलेंस नहीं मिली, जिसके चलते उसे अस्पताल पहुंचने से पहले ही सड़क किनारे बच्चे को जन्म देना पड़ा। घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन एम्बुलेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और प्रसूता व नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना एमपी के शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिला संजू आदिवासी को बुधवार रात अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा पर कई बार फोन किया, लेकिन आरोप है कि काफी देर तक एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इंतजार से परेशान परिजन आखिरकार महिला को बाइक पर बैठाकर बैराड़ अस्पताल के लिए रवाना हुए। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई और सड़क पर ही उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे दिया। सड़क किनारे हुई इस डिलीवरी के दौरान परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और अपने वाहन से प्रसूता एवं नवजात को तत्काल बैराड़ अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों का इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार मां और बच्चा फिलहाल सुरक्षित हैं।
पीड़िता के पति सुग्रीव आदिवासी का आरोप है कि यदि 108 एम्बुलेंस समय पर पहुंच जाती, तो उनकी पत्नी को सड़क पर प्रसव जैसी गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार कॉल किया, लेकिन हर बार केवल इंतजार करने को कहा गया। वहीं, मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सवालों के घेरे में आ गया है। शिवपुरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजय ऋषिश्वर ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह घटना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। सवाल यह है कि जब आपातकालीन सेवाएं ही समय पर न पहुंचें, तो जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित इलाज कैसे मिल पाएगा?