कलेक्टर ने ₹1 लाख रिश्वत के आरोप में रिश्वतखोर RI को किया निलंबित
राजस्व विभाग में कथित रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। जमीन पर कब्जा दिलाने के नाम पर किसान से एक लाख रुपये लेने के आरोपों के बीच वायरल वीडियो ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने तत्कालीन बम्होरी आरआई मंडल में पदस्थ रहे राजस्व निरीक्षक कुंजीलाल प्रधान को निलंबित कर दिया है। अब पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
मामला एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बकस्वाहा तहसील के ग्राम चौरई का है, जहां किसान पहार सिंह यादव ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन के सीमांकन के दौरान उस पर दूसरे व्यक्ति का कब्जा पाया गया। इसके बाद कब्जा दिलाने की प्रक्रिया के लिए तत्कालीन आरआई कुंजीलाल प्रधान ने कथित तौर पर एक लाख रुपये की मांग की। किसान का दावा है कि उसने पूरी रकम दे दी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो जमीन का कब्जा मिला और न ही विवाद का समाधान हुआ।
पीड़ित किसान का आरोप है कि एक लाख रुपये लेने के बाद भी पैसों की मांग बंद नहीं हुई। लगातार दबाव बनाए जाने पर उसने पांच हजार रुपये और दिए। इसी दौरान उसने कथित तौर पर पैसे देने का एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
वीडियो सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मामला प्रशासन तक पहुंचा तो कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरआई कुंजीलाल प्रधान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। किसान ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में वायरल वीडियो और किसान के आरोप कितने सही साबित होते हैं। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह मामला राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का उदाहरण बन सकता है।