सागर- देवरी में पटवारी-किसान विवाद ने पकड़ा तूल! मारपीट पर FIR, रिश्वत के आरोपों से मचा बवाल
सागर जिले के देवरी में जमीन के नामांतरण को लेकर पटवारी और किसान के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। पटवारी की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं किसान ने भी पटवारी पर नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। अब पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है। घटना देवरी थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार पटवारी विनोद अहिरवार ने शिकायत में बताया कि उनका तबादला देवरी से मालथौन हो चुका है और वे अपना सामान किराए के मकान से शिफ्ट कर रहे थे। इसी दौरान किसान नर्मदा प्रसाद उर्फ गुल्ली पटेल अपने बेटों सुमित और अमित के साथ वहां पहुंचे और जमीन के नामांतरण को लेकर बातचीत करने लगे।
पटवारी का कहना है कि उन्होंने किसानों को बताया कि संबंधित जमीन पर न्यायालय का स्टे होने के कारण नामांतरण की कार्रवाई नहीं हो सकती। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर तीनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर उनकी गर्दन पकड़कर मारपीट की। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पटवारी की शिकायत पर देवरी पुलिस ने नर्मदा पटेल, सुमित पटेल और अमित पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं, दूसरे पक्ष के किसान नर्मदा पटेल ने भी थाने में शिकायती आवेदन देकर पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने जनवरी में नामांतरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। किसान का आरोप है कि पटवारी ने नामांतरण के एवज में 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। उनका यह भी दावा है कि पहले 3 हजार रुपये दिए गए थे। जब नामांतरण नहीं हुआ और पटवारी का तबादला हो गया तो वे अपने पैसे वापस मांगने पहुंचे, जहां उनके साथ गाली-गलौज की गई और जूता फेंककर मारने का प्रयास किया गया।
हालांकि पटवारी विनोद अहिरवार ने रिश्वत मांगने के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि संबंधित भूमि न्यायालय के स्टे के अधीन है, इसलिए नियमानुसार नामांतरण नहीं किया जा सकता था। देवरी थाना पुलिस का कहना है कि पटवारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जबकि किसान के आवेदन की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।