Sagar - नौरादेही में मां से बिछड़ी बाघिन हुई कमजोर, रेस्क्यू कर इलाज के लिए भेजा गया
सागर के नौरादेही टाइगर रिजर्व के मुहली परिक्षेत्र में एक श्रमिक और महिला वनरक्षक पर हमला करने वाला शावक बाघिन निकला। पगमार्क देखने के दौरान इसी बाघिन ने हमला किया था। 2 दिन पहले वन विभाग ने हाथी दल द्वारा सर्चिग कर शावक को कैमरे में कैद किया था। निगरानी के दौरान वह चलने में असहज दिखी। इसके पहले एक अन्य बाघिन ने खेत में किसान पर हमला किया था। टाइगर रिजर्व प्रबंधन का दावा है कि वह बाघिन अलग है। उसकी तलाश चल रही है।
वीडीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार ने बताया कि शिकार न कर पाने के कारण शावक कुछ दिनों से भूखा था। संभवतः उसके पिछले पैरों में कोई चोट है। जिसके कारण उसके चलने की शैली सामान्य नहीं है।
इस संबंध में मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक को अवगत कराया गया। मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक के द्वारा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी विशेषज्ञ एवं चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा एवं सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक जबलपुर को टाइगर रिजर्व बुलाया गया। गुरुवार को सुबह 6:00 बजे से हाथियों द्वारा बाघिन की पुनः सर्चिग की गई। बाघिन के मिलने पर वन्य प्राणी विशेषज्ञ के दल द्वारा बाधिन को निश्चेतक किया गया।
परीक्षण के दौरान बाघिन का पेट लगभग खाली मिला और उसके पैरों में सूजन थी। विस्तृत परीक्षण एवं उपचार के लिए उसे सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक, जबलपुर रवाना किया गया। बाधिन की उम्र 15 से 18 महीने है। शावकों के बीच फाइट के दौरान पैरों में चोट लगने का अंदेशा है। चोट के कारण वह शिकार नहीं कर पा रहा था। वह भूखा था। इसी के चलते वन कर्मियों पर हमला किया था।