छात्र हितों को लेकर प्राचार्य का 3 घंटे घेराव, देर रात तक चला प्रदर्शन, ITI में ABVP का हंगामा!
एमपी के खंडवा के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी आईटीआई में छात्र हितों को लेकर बड़ा हंगामा देखने को मिला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अखिल भारतीय ट्रेड टेस्ट-2026 की परीक्षा व्यवस्थाओं में कथित अव्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी का आरोप लगाते हुए प्राचार्य और परीक्षा केंद्राध्यक्ष का घेराव किया। बारिश के बीच करीब तीन घंटे तक चला यह प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। अभाविप कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि 6 जुलाई से शुरू हुई अखिल भारतीय ट्रेड टेस्ट-2026 में निदेशालय सामान्य प्रशिक्षण यानी डीजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक टूल्स, मशीनरी, रॉ मटेरियल, पीपीई किट और अन्य परीक्षा सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाओं पर पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि शासकीय आईटीआई के विद्यार्थियों की तुलना में निजी आईटीआई के छात्रों और उनके स्टाफ को अधिक प्राथमिकता दी गई, जबकि सरकारी संस्थान के छात्रों को मूलभूत संसाधनों के लिए भी इंतजार करना पड़ा। परिषद ने दावा किया कि प्रशिक्षण अधिकारियों ने पहले ही आवश्यक सामग्री की मांग लिखित रूप से की थी, लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अभाविप ने विशेष रूप से वेल्डर ट्रेड में इलेक्ट्रोड, स्टेनलेस स्टील प्लेट, फिलर रॉड, सुरक्षा उपकरण और अन्य जरूरी सामग्री की कमी का मुद्दा उठाया। वहीं फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, डीजल मैकेनिक, मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन, स्टेनोग्राफी और कोपा जैसे अन्य ट्रेडों में भी आवश्यक संसाधनों की कमी का आरोप लगाया गया।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा के बाद प्राचार्य एवं परीक्षा केंद्राध्यक्ष ने लिखित आश्वासन दिया कि आगामी परीक्षाओं के लिए सभी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाएगी और व्यवस्थाओं में जो भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाएगा। अभाविप का कहना है कि दूर-दराज के गांवों से 50 से 60 किलोमीटर की दूरी तय कर परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो छात्र हित में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।