दतिया उपचुनाव बना बीजेपी की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा! आखिर क्यों कटा नरोत्तम मिश्रा का टिकट?

 


एमपी के दतिया विधानसभा उपचुनाव अब सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं रह गया है। यह चुनाव भारतीय जनता पार्टी की रणनीति, नेतृत्व परिवर्तन और भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीन बार विधायक और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट आखिर क्यों काटा गया? बीजेपी ने उनकी जगह नए चेहरे आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

डॉ. नरोत्तम मिश्रा वर्षों तक दतिया की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा रहे। 2008 के परिसीमन के बाद उन्होंने दतिया से चुनाव लड़ना शुरू किया और 2008, 2013 तथा 2018 में लगातार जीत दर्ज की। शिवराज सिंह चौहान सरकार में गृह मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने प्रदेश की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई।

लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती से मिली हार ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। बाद में राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण दतिया सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी। माना जा रहा था कि बीजेपी एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा पर भरोसा जताएगी, लेकिन पार्टी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाकर सभी को चौंका दिया।

हालांकि बीजेपी ने टिकट बदलने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं में 2023 की हार, स्थानीय स्तर पर एंटी-इन्कम्बेंसी, संगठन का फीडबैक, सामाजिक समीकरण और नए नेतृत्व को मौका देने जैसे कारणों की चर्चा है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

टिकट बदलते ही दतिया में विरोध भी देखने को मिला। नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने प्रदर्शन किया, राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया और पार्टी नेतृत्व के फैसले पर नाराजगी जताई। इससे साफ है कि बीजेपी के सामने अब केवल कांग्रेस से मुकाबले की चुनौती नहीं, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की परीक्षा भी है।

दूसरी ओर कांग्रेस इस नाराजगी को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया का चुनाव केवल जीत-हार का नहीं, बल्कि बीजेपी की 2028 की रणनीति और नए नेतृत्व की स्वीकार्यता की भी परीक्षा है।

30 जुलाई को होने वाले मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि बीजेपी का यह नया प्रयोग कितना सफल रहता है और क्या नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक प्रभाव पहले की तरह कायम है या प्रदेश की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन का नया दौर शुरू हो चुका है।


By - sagar tv news
11-Jul-2026

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