सड़क आंदोलन पर बवाल! अनशनकारी से VIDEO CALL पर बोले जीतू पटवारी, फिर पुलिस ने भेजा जेल
एमपी के मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा में सड़क निर्माण को लेकर चल रहा आंदोलन अब सियासी रंग ले चुका है। तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे युवक नवनीत सिंह तोमर से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वीडियो कॉल पर बात कर उनका हौसला बढ़ाया। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने नवनीत को अस्पताल ले जाने के नाम पर हिरासत में लिया और बाद में शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और राजनीति, दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जोहां से पीपरीपुरा तक जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर नवनीत सिंह तोमर पहले दंडवत यात्रा पर निकले और फिर आमरण अनशन पर बैठ गए। आंदोलन लगातार तेज होता गया तो पीडब्ल्यूडी, एसडीएम और ठेकेदार मौके पर पहुंचे। फिलहाल बारिश को देखते हुए सड़क पर मुरम और गिट्टी डालकर आवागमन शुरू कराने का काम शुरू किया गया, जबकि अधिकारियों ने बारिश के बाद डामरीकरण कराने का भरोसा दिया।
लेकिन अनशनकारी नवनीत सिंह तोमर ने पक्की सड़क बनने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। लगातार तीन दिन के अनशन से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। शाम को पुलिस और प्रशासन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बात कहकर एंबुलेंस में बैठाकर ले गए। आरोप है कि एंबुलेंस जिला अस्पताल की बजाय अंबाह की ओर मुड़ गई, जिस पर नवनीत ने बीच रास्ते में एंबुलेंस से छलांग लगा दी और पुलिस पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया।
घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। हंगामे के बीच पुलिस नवनीत को दोबारा अपने साथ ले गई। बाद में उन्हें अस्पताल भेजा गया और फिर पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 151 के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया।
इधर, कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन को खुला समर्थन दिया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र जाटव ने वीडियो कॉल के जरिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की बात अनशनकारी नवनीत से कराई। जीतू पटवारी ने कहा कि यह जनहित की लड़ाई है और कांग्रेस आंदोलनकारियों के साथ खड़ी है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने सड़क निर्माण में देरी को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाए।
अब सड़क निर्माण शुरू होने के बावजूद आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला और गर्मा गया है। सभी की नजर इस बात पर है कि सड़क निर्माण कब तक पूरा होगा और प्रशासन इस विवाद पर आगे क्या कदम उठाता है।