Sagar - सड़क पर एक साथ निकली दो अर्थियां, रखकर किया गया मातम, ये है असल मामला !
सागर जिले के बीना क्षेत्र में लोग उस समय हैरान रह गए जब एक नहीं बल्कि सड़क पर दो अर्थियां निकाली गयी। देखने में तो ऐसा ही मालूम पड़ रहा था की ये किसी इंसान की अर्थियां हैं जिन्हे रखकर रोकर बिलखकर मातम मनाया गया। जिसमें महिलाएं और पुरुष शामिल थे। हालांकि असल में ऐसा था नहीं, ये प्रतीकात्मक अर्थियां थीं। और विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थी। जिन्हे किसान नेता इंदर सिंह के नेतृत्व में निकाला गया। क्योंकि मुख्यमंत्री ने बीते एक साल पहले जो घोषणाएं की थी। आज तक उनका अमल नहीं किया जा सका। इसके अलावा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के मुद्दों को लेकर अंबेडकर तिराहा से सर्वोदय चौराहा तक दो अर्थियां निकालकर अनूठा प्रदर्शन किया गया।
इस अर्थी यात्रा में प्रदर्शनकारी सीएम द्वारा की गई घोषणाओं की हाथों में तख्तियां लेकर चल रहे थे। एक साथ शहर में दो अर्थियां निकलने से हर किसी की नजर अर्थियों पर ही जा रही थी। जैसे कोई हकीकत में अर्थी निकल रही हो। यात्रा अंबेडकर तिराहा से शुरू होकर सर्वोदय चौराहा पर पहुंची। जहां दोनों अर्थियों को रखकर महिलाएं और पुरुष रो-रोकर जनप्रतिनिधियों को कोसती हुई नजर आईं। करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम तहसीलदार अंबर पंथी को ज्ञापन सौंपा।
किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर से मिली जानकारी के मुताबिक 9 सितंबर 2025 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने कृषि मंडी में सभा के दौरान कई बड़ी घोषणाएं की थीं। जिसमें बीना नदी परियोजना से सभी गांवों को जोड़ना। 5 करोड़ की लागत से नगरपालिका का नया भवन बनाने। 1 करोड़ 27 लाख की लागत से जनपद भवन। इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, नगरपालिका का सीमा विस्तार, 40 किमी लंबा बायपास रोड, पॉलीटेक्निक कॉलेज और नई आईटीआई, 30 करोड़ की लागत से 100 बिस्तर का अस्पताल के अलावा खिमलासा को तहसील और मंडीबामोरा को नगर पंचायत बनाने की घोषणाएं की गई थीं। लेकिन ये घोषणाएं आज तक पूरी नहीं हुई। भाजपा ने जो भी वादे किए वे सभी स्वर्गीय हो गए। उन्होंने बीना में बन रहे ओवरब्रिज के कारण हो रही परेशानी भी उठाई। कहा कि डायवर्सन रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। 3 किमी का लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इससे लोगों की समय की बर्बादी के साथ पेट्रोल-डीजल का खर्च बढ़ रहा है।------