प्रभारी प्राचार्य बोलीं धमकी और मान सिक प्रता ड़ना से परेशा, ज्ञानोदय विद्यालय विवाद पहुंचा एसपी कार्यालय
एमपी के उज्जैन के शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय, लालपुर का आंतरिक विवाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य, छात्रावास अधीक्षक और शिक्षकों ने कुछ अंशकालिक कर्मचारियों पर अभद्रता, धमकी और कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा है। वहीं सपाक्स संगठन ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। विद्यालय के शिक्षकों ने आरोप लगाया कि कुछ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी लंबे समय से अनुशासनहीनता कर रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि कर्मचारी शासकीय कार्य करने से इनकार करते हैं, शिक्षकों से दुर्व्यवहार करते हैं और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते हैं।
प्रभारी प्राचार्य संध्या शर्मा ने कहा कि कुछ कर्मचारी वेतन बढ़ाने और स्थायी नियुक्ति का दबाव बना रहे हैं, जबकि यह उनके अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें रास्ते में रोककर गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। प्रभारी छात्रावास अधीक्षक जीवन चौहान ने भी दावा किया कि पिछले डेढ़ महीने से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब भी वे कर्मचारियों से काम करने के लिए कहते हैं, तो उनके साथ गाली-गलौज की जाती है। उन्होंने नागझिरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
दूसरी ओर, सपाक्स संगठन के प्रतिनिधि राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि यदि किसी पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है तो पुलिस निष्पक्ष जांच करे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत झूठी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। थाना प्रभारी गजेंद्र पचौरिया ने बताया कि मामले से संबंधित ज्ञापन प्राप्त हो गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। फिलहाल ज्ञानोदय विद्यालय में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच बढ़ते विवाद ने विद्यालय के माहौल को प्रभावित किया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर सच क्या है और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।