Sagar-रिश्तेदार बोले शादी कर दो... बेटी ने वर्दी पहनकर दिया ऐसा जवाब, आज पूरे सागर को है गर्व
कहते हैं कि सपने वही पूरे होते हैं, जिन्हें पूरा करने का साहस भी हो। सागर की 25 वर्षीय मुस्कान दुबे ने इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है। आर्थिक परेशानी, समाज के ताने, लगातार असफलताएं और शारीरिक चोट जैसी मुश्किलों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। आज उनकी इसी जिद, मेहनत और आत्मविश्वास ने उन्हें मध्य प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बना दिया है।
मुस्कान का जीवन शुरू से ही संघर्षों से भरा रहा। नौ सदस्यों वाले परिवार की सबसे बड़ी बेटी होने के नाते उन्होंने बचपन से जिम्मेदारियों और अभावों को करीब से देखा। उनके पिता राकेश दुबे एक निजी कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में कार्य करते हैं और सीमित आय में पूरे परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मां ज्योति दुबे गृहिणी हैं। आर्थिक परिस्थितियां इतनी मजबूत नहीं थीं कि मुस्कान बड़े शहर जाकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर सकें, इसलिए उन्होंने सागर में रहकर ही अपने सपनों को आकार देना शुरू किया।