सागर- आखिर कैसे स्कूल चलें हम ? जब प्रवेश ही नहीं, सीटें ही नहीं तो कहां जाये बच्चे ! SAGAR TV NEWS
सागर जिले के देवरी क्षेत्र में सैंकड़ों की संख्या में बच्चे दुविधा में पड़ गए हैं की उन्हें आखिर स्कूल में प्रवेश मिलेगा या नहीं। बच्चों को अभी से अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। सिर्फ बच्चे ही नहीं बल्कि उनके परिजन भी मायूस हैं। 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए सैंकड़ों बच्चे भटकने को मजबूर हैं। बच्चों को एडमिशन न मिलने की स्थिति में लोग अब आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में आ गए हैं। इसी को लेकर देवरी के सरकारी सांदीपनी स्कूल के सामने धरना प्रदर्शन किया गया। आस एक उम्मीद सामजिक संस्था के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके परिजन धरने में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान स्कूल प्रबंधन मौके पर पहुंचा और लोगों को भरोसा दिलाया। इस दौरान कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार और प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की।
धरना प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा की एक तरफ तो सरकार अभियान चलाती है। दूसरी तरफ बच्चों को 11वी कक्षा में प्रवेश नहीं मिल रहा।
आस एक उम्मीद सामाजिक संस्था ने कलेक्टर, एसडीएम और प्राचार्य को सौंपे ज्ञापन में मांग की है की कक्षा 11वीं के विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय में पर्याप्त और स्थायी प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, सभी विषयों में बच्चों को प्रवेश दिया जाए। प्रवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। प्रवेश से वंचित सभी विद्यार्थियों का तत्काल दाखिला सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा कई अन्य मांगें थी।
संस्था के अध्यक्ष संजय बृजपुरिया ने कहा की तकरीबन 500 छात्र-छात्राओं को अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनका प्रवेश होगा या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर के जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर मौन हैं। उन्होंने कहा कि देवरी और आसपास के क्षेत्र में 11वीं कक्षा में प्रवेश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे सैकड़ों बच्चों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा की जब तक हर एक बच्चे को शिक्षा का अधिकार और समय पर प्रवेश नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
सरकारी सांदीपनि स्कूल के प्राचार्य सुनील बड़ेरिया ने कहा की स्कूल में किसी भी विद्यार्थी को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी विद्यार्थियों के प्रवेश आवेदन जमा कर लिए हैं। वरिष्ठ कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा की 20 जुलाई तक कक्षा 6वीं, 9वीं और 11वीं के सभी छात्रों को प्रवेश देने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।