जनपद अध्यक्ष बोले सरकारी कार्यक्रम का हुआ भाजपाकरण, उज्जैन-जावरा मार्ग भूमिपूजन पर कांग्रेस का हमला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उज्जैन-जावरा फोरलेन मार्ग के भूमिपूजन कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। एमपी के उज्जैन के नागदा में कांग्रेस के जनपद पंचायत अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह पंवार ने प्रशासन पर सरकारी कार्यक्रम का राजनीतिकरण करने और प्रोटोकॉल की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विकास कार्य किसी राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि जनता के होते हैं, इसलिए सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में बुलाया जाना चाहिए था।
मीडिया से चर्चा करते हुए जनपद पंचायत अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह पंवार ने कहा कि उज्जैन-जावरा मार्ग के भूमिपूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के कांग्रेस जनप्रतिनिधियों को औपचारिक निमंत्रण तक नहीं दिया गया। उनके अनुसार यह लोकतांत्रिक परंपराओं और तय प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। पंवार ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय पूरे कार्यक्रम को भाजपा के राजनीतिक आयोजन का स्वरूप दे दिया। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की उपेक्षा करना जनादेश का भी अपमान है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन किसानों की भूमि इस परियोजना में अधिग्रहित हुई है, उनमें सबसे अधिक किसान खाचरौद क्षेत्र के हैं। पंवार का दावा है कि किसान चार गुना मुआवजे की मांग उठा सकते थे, इसलिए भूमिपूजन कार्यक्रम खाचरौद के बजाय नागदा में आयोजित किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जनपद अध्यक्ष ने कहा कि यदि कार्यक्रम खाचरौद में होता तो क्षेत्र को अन्य विकास योजनाओं की घोषणाओं का भी लाभ मिल सकता था। उनका कहना था कि नागदा क्षेत्र की तुलना में खाचरौद और आसपास के इलाकों को इस परियोजना से अधिक सीधा लाभ मिलने वाला है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पहले से मौजूद उज्जैन-जावरा मार्ग के चौड़ीकरण या फोरलेन निर्माण को प्राथमिकता दी जाती तो हजारों किसानों, व्यापारियों और यात्रियों को तत्काल लाभ मिलता।
राधा मालवीय को मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की आशंका में हिरासत में लिए जाने के सवाल पर भी पृथ्वीराज सिंह पंवार ने इसे "गंदी राजनीति" करार दिया। फिलहाल इन आरोपों पर प्रशासन या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी आगे क्या मोड़ लेती है।ड्र ग्स और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा! जांच में सामने आए नए नाम, जीतू पटवारी के भाई से भी पूछताछ