फूट-फूटकर रो पड़ा पिता! डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप,बोला इलाज ने मेरे बेटे का हाथ खराब कर दिया
एमपी के गुना जिले की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। अपने मासूम बेटे को गोद में लेकर पहुंचे एक पिता अधिकारियों के सामने बिलख पड़े। उनका आरोप है कि सरकारी डॉक्टर की कथित लापरवाही और निजी क्लीनिक में किए गए इलाज के कारण उनके बेटे का हाथ गंभीर रूप से खराब हो गया। पीड़ित का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोन निवासी राजेश अहिरवार अपने बच्चे को लेकर जिला कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे। अधिकारियों के सामने उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी चिकित्सक डॉ. महेश राजपूत के उपचार के बाद उनके बेटे के हाथ की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। राजेश का दावा है कि वह बच्चे को डॉक्टर के निजी क्लीनिक लेकर गए थे, जहां उनसे 150 रुपये परामर्श शुल्क लिया गया और करीब 1200 रुपये की दवाइयां भी लिखी गईं।
पीड़ित पिता का आरोप है कि बिना आवश्यक जांच किए बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसके हाथ में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई। उनका कहना है कि आज बच्चे के हाथ की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि उसे देखकर लोग भी हैरान रह जाते हैं। राजेश अहिरवार का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत कई बार सीएमएचओ, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित डॉक्टर सरकारी अस्पताल में पदस्थ होने के बावजूद निजी क्लीनिक में मरीज देखते हैं और कुछ मरीजों को वहीं बुलाकर इलाज करते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि उन्होंने अधिकारियों को एक वीडियो भी सौंपा है, जिसकी जांच की मांग की गई है। फिलहाल मामले की सच्चाई आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएगी। लेकिन जनसुनवाई में एक पिता का दर्द और अपने बच्चे के लिए न्याय की गुहार कई सवाल जरूर खड़े कर रही है। अब सबकी नजर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की जांच पर टिकी है।