Sagar- गोचर भूमि को लेकर गौ सेवकों का प्रदर्शन, FIR वापस लेने की मांग, कलेक्टर-SP को सौंपा ज्ञापन
सागर में गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। गौ सेवकों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और 166वां ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने खिमलासा थाना क्षेत्र में 11 गौ सेवकों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग करते हुए प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
करणी सेना, गौ सेवकों, शिवसेना और ग्राम पड़रिया के ग्रामीणों सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछले तीन वर्षों में गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए वे लगातार ज्ञापन देते रहे हैं और अब तक 166 आवेदन सौंप चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि मजबूरी में किए गए चक्का जाम के बाद खिमलासा थाना पुलिस ने 11 गौ सेवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी, जबकि दूसरे दिन बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और कर्मचारियों द्वारा किए गए चक्का जाम पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि कानून सभी के लिए समान है तो कार्रवाई भी समान होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनदेखी के कारण गोचर भूमि पर अतिक्रमण बढ़ रहा है और गौवंश सड़कों पर भटकने को मजबूर है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ज्ञापन में मुख्यमंत्री की गोचर भूमि संरक्षण संबंधी घोषणाओं का भी उल्लेख किया गया है। गौ सेवकों ने मांग की कि गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, बीना क्षेत्र के गो अभ्यारण को पुनः सुचारु किया जाए और गौ सेवकों पर दर्ज प्रकरण तत्काल वापस लिए जाएं।
संगठनों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे जिले में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस ज्ञापन पर क्या निर्णय लेता है और क्या गौ सेवकों की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है।