मालिक की मौत का सदमा नहीं सह पाया डुग्गू! अंतिम विदाई के कुछ ही देर बाद पालतू स्वान ने भी तोड़ा दम
कहते हैं, इंसान का सबसे वफादार साथी अगर कोई है, तो वह कुत्ता होता है। बैतूल से आई यह खबर इस कहावत को सच साबित करती है। यहां एक पालतू स्वान अपने मालिक की मौत का ऐसा सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया कि अंतिम विदाई के कुछ ही देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया। इस भावुक घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यह मार्मिक घटना एमपी के बैतूल जिला मुख्यालय के गंज क्षेत्र की है। यहां पान-चाय दुकान संचालक प्रदीप जैन का बीमारी के चलते भोपाल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके परिवार का सबसे खास सदस्य था 15 वर्षीय पालतू डॉगी डुग्गू, जो इंडियन स्पिट्ज नस्ल का था। प्रदीप और डुग्गू का रिश्ता सिर्फ मालिक और पालतू का नहीं, बल्कि परिवार के दो सदस्यों जैसा था।
रविवार शाम जब प्रदीप जैन का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, तब से डुग्गू लगातार बेचैन रहा। वह बार-बार भौंकता, इधर-उधर चहल-कदमी करता और अपने मालिक तक पहुंचने की कोशिश करता रहा। सोमवार को अंतिम यात्रा से पहले जब परिवार ने उसे प्रदीप जैन के अंतिम दर्शन कराए, तो वह कुछ देर तक शांत होकर अपने मालिक को निहारता रहा। इसके बाद वह घर के एक कमरे में चला गया। जैसे ही अंतिम यात्रा घर से रवाना हुई, डुग्गू ने कमरे में दो-तीन चक्कर लगाए और वहीं लेट गया। जब परिजन उसके पास पहुंचे, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिवार का कहना है कि डुग्गू पिछले 14-15 वर्षों से उनके साथ था। प्रदीप जैन जहां भी जाते, डुग्गू हमेशा उनके साथ रहता। खाना भी अक्सर दोनों साथ खाते थे और दुकान से लौटने का इंतजार डुग्गू रोज दरवाजे पर खड़े होकर करता था।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों ने प्रदीप जैन के साथ डुग्गू को भी सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी। गंज मोक्षधाम में जहां प्रदीप जैन का अंतिम संस्कार किया गया, वहीं पास में डुग्गू को भी पूरे सम्मान के साथ दफनाया गया। मालिक और उसके वफादार साथी की यह अनोखी कहानी हर किसी को भावुक कर रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रेम और वफादारी की कोई भाषा नहीं होती। कभी-कभी जानवर भी ऐसे रिश्ते निभा जाते हैं, जिन्हें इंसान जीवन भर याद रखता है।