लापता युवक का जंगल में मिला नर कं काल, परिजनों ने जताई ह त्या की आशंका; निष्पक्ष जांच की मांग तेज
एक लापता युवक का मामला अब रहस्यमयी मौत में बदल गया है। 8 जून से गायब युवक का करीब एक महीने बाद जंगल से नरकंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान नितिन बैगा के रूप में हुई है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि एनएसयूआई भी इस मामले को लेकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है। मामला एमपी के जबलपुर के डुमना चौकी क्षेत्र के महगवां गांव का है। जानकारी के अनुसार, नितिन बैगा 8 जून को दोस्तों के साथ घूमने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी, लेकिन काफी समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
मंगलवार को महगवां गांव से लगे जंगल में खाटू श्याम मंदिर के पास एक नरकंकाल मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। नरकंकाल के पास मिले कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर उसकी पहचान नितिन बैगा के रूप में की गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और परिजन इसे हत्या का मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इधर, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने भी मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। संगठन के जिला उपाध्यक्ष राहुल पांडे ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि यदि गुमशुदगी के बाद पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई की होती, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो मृतक के परिजनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।