सागर- 250 साल पुरानी परंपरा का उल्लास! आज निकलेगी गढ़ाकोटा की भव्य भगवान जगन्नाथ रथयात्रा
सागर जिले के गढ़ाकोटा में भगवान जगन्नाथ स्वामी की ऐतिहासिक और भव्य रथयात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। करीब ढाई सौ साल पुरानी इस धार्मिक परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। बुधवार रात भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया गया और रात 12 बजे महाआरती एवं भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। गुरुवार शाम यह भव्य रथयात्रा नगर भ्रमण पर निकलेगी। देश और प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाली गढ़ाकोटा की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा इस वर्ष भी पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ निकाली जाएगी। यात्रा से पहले तीनों रथों की मरम्मत, आकर्षक वार्निश और विशेष सजावट की गई है। वहीं भगवान के भोग के लिए शुद्ध घी की पूड़ियां, मालपुए और खिचड़ी का प्रसाद तैयार किया गया।
रात 12 बजे महाआरती और भजन-कीर्तन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। गुरुवार शाम करीब 6 बजे पटेरिया स्थित जगदीश मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा अलग-अलग रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए रवाना होंगे। रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु जयकारों के साथ रथ खींचेंगे। ढोल, मंजीरे, झांझ और भजन-कीर्तन की मधुर धुनों के बीच पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। यात्रा के दौरान जगह-जगह भगवान की आरती उतारी जाएगी और श्रद्धालु पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करेंगे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी महाआरती में शामिल होंगे।
रथयात्रा जब रूई बाजार पहुंचेगी, तब नगर के मालगुजार नायक परिवार और जनकपुरी के श्रद्धालु गाजे-बाजे, आतिशबाजी और पारंपरिक स्वागत के साथ भगवान का अभिनंदन करेंगे। जनकपुरी मंदिर में महाआरती के बाद भगवान 14 दिनों तक विराजमान रहेंगे और सावन के पहले सोमवार को पुनः जगदीश मंदिर, पटेरिया लौटेंगे। मालगुजार परिवार के कृष्णकांत नायक का कहना है कि भगवान स्वयं उनके घर पधारते हैं, यह उनके परिवार का सौभाग्य है। उनका मानना है कि गढ़ाकोटा की इस ऐतिहासिक रथयात्रा में शामिल होने से श्रद्धालुओं को पुरी धाम जैसी पुण्य प्राप्ति होती है। यही वजह है कि हर वर्ष हजारों भक्त इस अद्भुत धार्मिक आयोजन के साक्षी बनने गढ़ाकोटा पहुंचते हैं।