Sagar -स्कूल बस में भूसे की तरह भर रहे बच्चे, सुरक्षा से खिलवाड़, प्रशासन अनजान
सागर में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और उनके द्वारा की जा रही स्कूली बसों की चेकिंग महज औपचारिकता साबित हो रही है, शहर से लगे हुए स्कूल वाहनों में जितने भी वहां की जांच की जा रही उनमें अधिकांश में कमियां सामने आ रही हैं जो बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से बेहद ही खतरनाक है और ऐसी वाहनों पर अब तक लगभग 10 लाख का जुर्माना भी किया जा चुका है लेकिन आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब शहर में आया है हालत है तो ग्रामीण क्षेत्रों में क्या हो रहा होगा
इसकी एक बानगी सागर गढ़ाकोटा रोड पर स्थित परसोरिया के आइडियल पब्लिक स्कूल की स्कूल बस से सामने आई है जहां 20 बच्चों की क्षमता वाली स्कूल बस में 80 स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा है, और यह केवल एक स्कूल की एक बस की बात नहीं है ग्रामीण क्षेत्रों में जितने दूर जाते हैं यह स्थिति और भी अधिक खराब होती जा रही है अभिभावकों के द्वारा शिकायत करने के बाद भी स्कूल प्रबंधन दूसरी बसो का इंतजाम नहीं कर पा रहा है, इधर इस तरह से लगातार क्षमता से अधिक बच्चों को लाया ले जाया जा रहा है वह पुलिस और आरटीओ दोनों की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है. अगर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से कोई घटना हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा
स्कूल बसों में खुलेआम यातायात से जुड़े नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है 20 बच्चों की क्षमता वाली बस में भूसे की तरह क्षमता से चार गुना अधिक स्कूली बच्चे ढोए जा रहे हैं इतना ही नहीं जिस से बच्चों को उनके घर से स्कूल और स्कूल से घर तक छोड़ा जाता है उसकी हालत भी दयनीय है पहियों के टायर घिस हुए हैं खिड़कियों के कांच टूटे हैं और तो और इनमें सुरक्षा की दृष्टि से अटेंडर भी नहीं है
अभिभावकों के द्वारा स्कूल प्रबंधन से इसकी शिकायत करने के बाद भी कोई असर नहीं हो रहा है पिछले 15 दिनों से स्थिति ऐसी बनी हुई है कि तीन स्कूल बसों के बच्चों को केवल एक बस से ले जाया जा रहा है चंद पैसों की लालच में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है. जिस स्कूल बस के वीडियो सामने आए हैं उसमें आप देख सकते हैं कि कैसे एक सीट पर 3 से 4 छोटे-छोटे बच्चे बैठे हुए हैं बीच में जो निकालने के लिए गैलरी होती है उसमें भी स्कूली बच्चे खड़े हुए हैं जो बस का गेट है यहां तक कि उस पर भी बच्चे नजर आ रहे हैं