Sagar-11 साल की उम्र में छोड़ा घर, 17 की उम्र में IIT बॉम्बे तक का सफर... संघर्ष की मिसाल बने आदर्श
कुछ सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें हर दिन संघर्ष की आग में तपाकर सच बनाया जाता है। सागर जिले के बंडा निवासी 17 वर्षीय आदर्श गुप्ता ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल खुद रास्ता बना लेती है। महज 11 साल की उम्र में घर छोड़ने वाले आदर्श 17 साल की उम्र में इंजीनियरिंग करने देश की सबसे प्रतिष्ठित IIT बॉम्बे में चयनित हुए है,
आदर्श ने परिवार से दूर रहते हुए उन्होंने ऐसी चुनौतियों का सामना किया, जिन्हें बड़े-बड़े लोग भी झेलने से घबरा जाएं। शुरुआती दिनों में सीनियरों की प्रताड़ना, घर के हर छोटे-बड़े काम की जिम्मेदारी, अकेलापन और लगातार पढ़ाई... लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
दसवीं तक उन्होंने खुरई नवोदय विद्यालय में पढ़ाई की। सुबह खुद उठना, कपड़े धोना, नहाना, पढ़ाई करना और अपने सभी काम खुद संभालना उनकी दिनचर्या बन गई। संघर्षों के बीच भी उन्होंने दसवीं में 90.6 प्रतिशत अंक हासिल किए।
इसी दौरान उन्होंने दक्षिणा फाउंडेशन की कठिन परीक्षा पास की, जो देशभर के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली 200 विद्यार्थियों को JEE Main और JEE Advanced की निशुल्क तैयारी कराती है। पूरे मध्य प्रदेश से केवल 10 छात्रों का चयन हुआ था, जिनमें आदर्श भी शामिल थे।
साल 2024 में वह 1,500 किलोमीटर दूर बेंगलुरु पहुंचे। यहां जिंदगी और भी कठिन थी। दक्षिण भारतीय भोजन के बीच कई बार उन्हें केवल तीन रोटियां, कभी एक रोटी और कभी बिना रोटी के ही गुजारा करना पड़ा। इसका असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से नजर नहीं हटाई।
उनकी दिनचर्या बेहद कठोर थी। सुबह 5 बजे उठना, पीटी करना, पूरे दिन क्लास और सेल्फ स्टडी, फिर रात 12 बजे तक पढ़ाई। रोजाना 14 से 15 घंटे पढ़ाई करना उनकी आदत बन गया। न होली की छुट्टी, न रक्षाबंधन का त्योहार और न ही परिवार के साथ समय बिताने का मौका।
अनुशासन इतना सख्त था कि क्लास या ग्राउंड में एक मिनट की देरी भी सजा का कारण बन जाती थी। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित था, दो वर्षों में आदर्श घर नहीं लौट पाए और परिवार भी उनसे केवल दो बार ही मिल सका।
इन सभी कठिनाइयों, त्याग और अथक मेहनत का परिणाम आखिरकार सामने आया। 17 साल की उम्र में आदर्श गुप्ता का चयन देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक, IIT बॉम्बे में हुआ, जहां उन्हें सबसे चुनौतीपूर्ण और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली कंप्यूटर साइंस ब्रांच मिली है। अब वह अगले चार वर्षों तक यहीं से बीटेक की पढ़ाई करेंगे।