Sagar- रहली में पुलिस अभिरक्षा में मौत की होगी मजिस्ट्रियल जांच, 22 जुलाई तक मांगे गए साक्ष्य
सागर जिले के रहली में रामदीन सेन की संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस अभिरक्षा में हुई इस मौत पर उठ रहे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर अब पूरे घटनाक्रम की जांच एसडीएम रहली करेंगे। वहीं परिजनों का आरोप है कि घायल रामदीन को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, जिसके कारण उनकी जान चली गई।
रहली थाना क्षेत्र के ग्राम धनगुवां निवासी 50 वर्षीय रामदीन सेन की 13 जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों ने घर में घुसकर रामदीन के साथ मारपीट की और गंभीर हालत में गांव के बाहर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर डायल-112 मौके पर पहुंची, लेकिन गांव से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी महज पांच मिनट होने के बावजूद रामदीन को अस्पताल पहुंचाने में करीब दो घंटे लग गए।
अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार शाम करीब 6:30 बजे रामदीन को मृत अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यही दो घंटे अब पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बन गए हैं। आखिर घायल रामदीन इस दौरान कहां था और उसके साथ क्या हुआ? मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एसडीएम रहली कुलदीप पाराशर को मजिस्ट्रियल जांच सौंपी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि डायल-112 को मिली सूचना के बाद क्या कार्रवाई हुई, पुलिस कर्मियों ने घायल को किस परिस्थिति में थाना लाया और अस्पताल पहुंचाने में देरी क्यों हुई।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से जुड़ा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य, दस्तावेज या जानकारी हो तो वह 22 जुलाई तक एसडीएम कार्यालय रहली में प्रस्तुत कर सकता है। उधर, एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अब सभी की नजर मजिस्ट्रियल जांच पर है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि रामदीन की मौत के पीछे आखिर सच्चाई क्या है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी।