Sagar - भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का पुष्पवर्षा और आरती से स्वागत, कहीं मालपुआ तो कहीं कढ़ी-भात का प्रसाद
सागर के बाद बाजार क्षेत्र को मिनी वृंदावन के नाम से जाना जाता है यहां पर आषाढ़ माह की रथ डोज को अलग-अलग मंदिरों से रथ यात्राएं निकाली जाती हैं जिसमें शहर भर के श्रद्धालु इनमें शामिल होने के लिए दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं सागर शहर में सबसे अधिक रथयात्राएं बड़ा बाजार क्षेत्र से निकलीं, जहां पूरा इलाका छोटे वृंदावन की छटा बिखेरता नजर आया।
श्री देव वृंदावन बाग मंदिर, श्री देव रामबाग मंदिर, श्री देव अटल बिहारीजी मंदिर, श्री देव राधा माधव गेड़ाजी मंदिर, श्री जगमोहन लालजी मंदिर, श्री बांके बिहारीजी साहू समाज मंदिर, श्री राधा माधव लालजी मंदिर केशवगंज सहित अन्य मंदिरों से भी रथयात्राएं निकाली गईं। शहर में जगह-जगह रथयात्रा का पुष्पवर्षा से स्वागत तथा भगवान की आरती उतारी गई। भक्तों में मालपुआ का प्रसाद वितरण किया गया।
भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ विशेष धार्मिक आयोजन हुए। भगवान जगदीश स्वामी, भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा गर्भगृह से बाहर विराजमान हुए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन-अर्चन एवं महाआरती हुई। जय जगन्नाथ के जयघोष और भजन-कीर्तन से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया