सूखने लगी सोयाबीन! 15 दिन से बारिश गायब, किसान बोले अब फसल भगवान भरोसे
मानसून की अच्छी शुरुआत के बाद अब बारिश की लंबी बेरुखी किसानों पर भारी पड़ रही है। पिछले करीब 15 दिनों से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल सूखने लगी है। खेतों की नमी खत्म हो रही है और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बादलों का इंतजार कर रहे हैं। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों के सामने अब फसल बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। एमपी के उज्जैन जिले के कई गांवों में करीब एक महीने पहले बोई गई सोयाबीन की फसल अब पानी के अभाव में पीली पड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि उन्होंने महंगे बीज खरीदे, खाद और दवाइयों पर हजारों रुपये खर्च किए, लेकिन लगातार बारिश नहीं होने से पूरी मेहनत पर संकट मंडरा रहा है। खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि खेती ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन है। इसी फसल से पूरे साल का खर्च और अगली बुवाई की तैयारी होती है। ऐसे में बारिश की कमी आर्थिक चिंता भी बढ़ा रही है। बारिश की आस में कई किसान अब मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव से अच्छी वर्षा की प्रार्थना कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब फसल को बचाने की उम्मीद केवल समय पर होने वाली बारिश से ही है।
इधर, शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन के अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद गुप्त ने बताया कि इस सीजन में अब तक जिले में 426.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, लेकिन पिछले 7 से 10 दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर रही हैं। हालांकि राहत की खबर यह है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से 19 और 20 जुलाई के आसपास उज्जैन सहित पश्चिम मध्य प्रदेश में फिर अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल किसानों को कुछ दिन और इंतजार करना होगा। यदि पूर्वानुमान सही साबित होता है तो सूखती फसलों को नई जिंदगी मिल सकती है। फिलहाल पूरे मालवा में किसानों की नजरें आसमान पर टिकी हैं और सभी को अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार है।