बिना सूचना मंत्री निवास पहुंचे दंपत्ति करने लगे प्रदर्शन,पुलिस उठा ले गई, क्या सुरक्षा में बड़ी चूक !
प्रदेश सरकार में मंत्री की कथित टिप्पणी से नाराज़ सामाजिक कार्यकर्ता और उनकी पत्नी संविधान की प्रतियां लेकर मंत्री निवास के बहार पहुंच गए। भारी पुलिस बल के तैनात होने के बावजूद दम्पति मंत्री के घर तक पहुँचने में सफल रहे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें समझाइश दी नहीं माने तो पुलिस उन्हें उठाकर ले गयी। और पूछताछ की। ये घटनाक्रम इंदौर से सामने आया है। जहां नीट परीक्षा और छात्रों को लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कथित टिप्पणी का विरोध अब सड़कों से निकलकर उनके घर तक पहुंच गया। पुलिस का कहना है की दम्पति ने बिना सूचना प्रदर्शन किया।
इंदौर में सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद पांडे अपनी पत्नी सरिता पांडे के साथ हाथों में संविधान की प्रतियां लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निवास के बाहर पहुंचे थे। जैसे ही दंपत्ति ने मंत्री के घर के बाहर पैदल पहुंचकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया, तो पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मीडिया से चर्चा कर रहे दोनों पति-पत्नी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इस घटनाक्रम ने मंत्री विजयवर्गीय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि मंत्री विजयवर्गीय को पहले से ही विशेष सुरक्षा प्राप्त है। वहीं प्रदर्शनकारी पति पत्नी को ना पहचानने के चलते पुलिस की लापरवाही भी सामने आई और दोनों पति-पत्नी विजयवर्गीय के घर तक पहुंच गए।
मीडिया से चर्चा करते हुए प्रहलाद पांडे और सरीता पांडे ने आरोप लगाया की मंत्री ने छात्रों के आंदोलन को प्रायोजित बताकर युवाओं और उनके संघर्ष का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने का अधिकार है। लेकिन सरकार संवाद की बजाय विरोध की आवाज दबाने का काम कर रही है।
सरिता पांडे ने कहा कि चुनाव के समय नेता जनता के दरवाजे पर वोट मांगने आते हैं, लेकिन जब वही जनता अपने बच्चों के भविष्य और शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगने पहुंचती है तो उसे पुलिस के जरिए रोक दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने आए थे, लेकिन उन्हें थाने ले जाकर बैठा दिया गया।
मामले में एसीपी हिमानी मिश्रा ने बताया की प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अनुमति नहीं ली थी। बिना सूचना यहां आकर प्रदर्शन किया। जिन्हे पूछताछ के लिए अभिरक्षा में लिया गया है।