पुलिस चला रही नशे से दूरी है ज़रूरी अभियान, नशेड़ी पुलिसकर्मी का वीडियो वायरल, खुद को बताया गुंडा !
मैं सिविल लाइन का गुंडा हूं, ये कहना था उस पुलिसकर्मी का जो शराब के नशे में एक थाने में जा पहुंचे उन्हें देख थाने का स्टाफ यहां-वहां हो गया लेकिन ये साहब कहां मानने वाले थे। नशे में अनाप-शनाप बातें करते रहे। ये तस्वीर उस वक़्त आई है जब पुलिस खुद नशे को लेकर अभियान चला रही है। लोगों को नशे से दूर रहने की अपील की जा रही है। लेकिन एमपी के रीवा जिले से सामने आई इस तस्वीर को देखकर आप क्या कहेंगे। पुलिस कर्मी ड्यूटी के दौरान नशे में है। लोगों से अभद्रता कर रहे हैं। खुद को गुंडा भी बता रहे हैं। वीडियो अमहिया थाना परिसर का बताया जा रहा है।
दरअसल इन दिनों प्रदेश भर में जोरों-शोरों से एक अभियान चलाया जा रहा है जो खुद पुलिस चला रही है। नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 अभियान, ताकि समाज को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा सके। इसी बीच रीवा के अमहिया थाने से वायरल हुए वीडियो ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामने आये वीडियो में देखा जा सकता है की ड्यूटी के दौरान एक पुलिसकर्मी नशे की हालत में है लोगों से अभद्र व्यवहार कर रहा है
बड़ा सवाल ये है की जब कानून के रखवाले ही इस तरह का काम कर रहे हैं तो आखिर दूसरों से क्या उम्मीद की जा सकती है। नशे में माहौल बिगाड़ने उपद्रव करने वालों पर पुलिस कार्यवाई करती है तो क्या अब कार्यवाई नहीं की जायेगी। इस घटना ने पुलिस की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किये हैं।
पुलिस कर्मी के सामने आये वीडियो में उनसे पूछा जा रहा है की वह कहां पदस्थ हैं। जिसमें वह कहते हैं की सिविल लाइन थाने में पदस्थ हैं। जब पूछा की अमहिया थाने में क्या कर रहे हैं तो कहा की वह कहीं भी जा सकते हैं। उन्होंने काफी देर तक हंगामा किया।
ज़रूरी और अहम बात यहां पर ये है की पुलिस तो नशा खोरी रोकने अभियान चला रही है लेकिन क्या ये सार्थक हो पायेगा। समाज को जागरूक करने से पहले क्या पुलिसकर्मियों को जागरूक होने की ज़रूरत नहीं है।
खैर देखना दिलचस्प होता है की मामले में आखिर क्या कदम उठाये जाते हैं और क्या कार्यवाई की जाती है। इस मामले से पुलिस की छवि धूमिल हुई है।------