बिना लाइसेंस और बिना लाइफ जैकेट दौड़ रहा था स्टीमर, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
एमपी के मुरैना जिले के अंबाह क्षेत्र में चंबल नदी पर यात्रियों की जान से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां उसैद-पिनाहट घाट के बीच एक स्टीमर बिना वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों के सैकड़ों यात्रियों को नदी पार करा रहा था। सूचना मिलते ही महुआ थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और स्टीमर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। जानकारी के मुताबिक, महुआ थाना प्रभारी उपेंद्र पाराशर को सूचना मिली थी कि चंबल नदी के उसैद-पिनाहट घाट पर नियमों को ताक पर रखकर स्टीमर का संचालन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसी दौरान स्टीमर यात्रियों को लेकर उत्तर प्रदेश के पिनाहट घाट से मध्य प्रदेश के उसैद घाट पहुंचा।
जांच में जो तस्वीर सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया। स्टीमर में सवार किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इतना ही नहीं, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण भी स्टीमर पर मौजूद नहीं थे। ऐसे में किसी भी हादसे की स्थिति में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। पुलिस ने स्टीमर चला रहे अशोक निषाद से संचालन का लाइसेंस और अन्य वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई भी अनुमति पत्र या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
अंबाह एसडीओपी रवि सिंह भदौरिया ने बताया कि चंबल नदी के मध्य प्रदेश स्थित उसैद घाट और उत्तर प्रदेश के पिनाहट घाट के बीच अवैध रूप से स्टीमर संचालन की सूचना पर जांच कराई गई थी। जांच में सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आई। यात्रियों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी कारण स्टीमर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब चंबल नदी में संचालित अन्य नावों और स्टीमर की भी जांच तेज होने की संभावना है, ताकि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।