Sagar- दिन में कोचिंग, रात में पढ़ाई, ऐसे बना सौरव असिस्टेंट प्रोफेसर | SAGAR TV NEWS |
गांव छोटा था, सपने बहुत बड़े, खुरई के गूलर गांव में रहने वाले सौरव सिंह ठाकुर ने साबित कर दिया कि लगन हो तो मंजिल खुद रास्ता बना देती है।पिता का साया बचपन में ही उठ गया। घर में गरीबी, बहनों ने पढ़ाई छोड़ दी ताकि सौरव पढ़ सके। मां और बहनों के त्याग की स्याही से सौरव ने अपनी तकदीर लिखी। 12 साल... हां, पूरे 12 साल! कई बार MPPSC का मेन एग्जाम पास किया, कई बार इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम पायदान पर किस्मत धोखा दे जाती। UPPSC भी दिया, पर सफलता दूर खड़ी तमाशा देखती रही।लोग कहते "छोड़ दे"। सौरव ने कहा "अभी बाकी है"।
कोरोना में जब सब रुके, सौरव ने ऑनलाइन कोचिंग शुरू की। दिन में छात्रों को पढ़ाया, रात में 10-12 घंटे खुद पढ़े। अपने साथ पढ़ने वालों को भी आगे बढ़ाया। आज उनके कई दोस्त अच्छे पदों पर हैं, और उनके पढ़ाए स्टूडेंट भी बड़े शहरों में अफसर हैं।और फिर वो दिन आया। MPPSC क्लीयर। हिस्ट्री में प्रदेश में 6ठी रैंक। असिस्टेंट प्रोफेसर बन गए।सौरव कहते हैं, "ये सफलता उन युवाओं के लिए है जो 2 बार गिरकर उठना भूल जाते हैं।" गांव की मिट्टी, मां का आशीर्वाद और खुद की मेहनत - यही सौरव की ताकत बनी। कहानी अभी खत्म नहीं हुई। अगला लक्ष्य: डिप्टी कलेक्टर।गूलर से निकला ये लड़का आज हजारों के लिए प्रेरणा है।