हादसा नहीं, थी 5 दोस्तों की सुनियोजित हत्या ! डॉक्टर समेत 8 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
मध्य प्रदेश के जबलपुर में 19 जुलाई को हुए भीषण सड़क हादसे का मामला अब चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गया है। जिस घटना को अब तक सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, पुलिस जांच में वह एक सुनियोजित सामूहिक हत्या निकली। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है,
जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। मामला बेलखेड़ा के पांच युवकों की मौत से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते मुख्य आरोपी आनंद सिंह और जबलपुर स्मार्ट सिटी से जुड़े डॉक्टर अमित खरे ने मिलकर राजेंद्र पटेल की हत्या की साजिश रची थी। योजना ऐसी बनाई गई कि हत्या को सड़क हादसे का रूप दिया जा सके।
जांच में सामने आया कि करीब एक महीने पहले डॉक्टर अमित खरे ने आनंद सिंह से राजेंद्र पटेल को रास्ते से हटाने की बात कही थी। इसके बाद आरोपियों ने राजेंद्र की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कई लोगों को लगाया। घटना वाले दिन जबलपुर-भोपाल हाईवे की दोनों लेन पर दो हाइवा पहले से तैनात किए गए थे, ताकि किसी भी हालत में निशाना बच न सके। जैसे ही राजेंद्र पटेल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे, हाइवा से टक्कर मारकर उन्हें कुचल दिया गया। इस वारदात में राजेंद्र समेत पांच युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने हाइवा को जंगल में छिपा दिया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
नरसिंहपुर पुलिस की गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ। पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल 11 लोगों की पहचान की है, जिनमें से 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार तीन आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरी योजना के साथ की गई हत्या थी। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों का जुलूस भी निकाला। इस खुलासे के बाद पूरे महाकौशल क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और यह मामला अब प्रदेश की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में शामिल हो गया है।