सीने में दर्द से बस ड्राइवर की मौत, परिजनों ने कलेक्टर बंगले का किया घेराव
एक स्कूल बस चालक की मौत के बाद जमकर हंगामा देखने को मिला। सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल लाए गए चालक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही, डॉक्टर के समय पर नहीं पहुंचने और अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों द्वारा धक्कामुक्की के गंभीर आरोप लगाए। आक्रोशित परिजन अस्पताल से कलेक्टर बंगले तक पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज की धड़कन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बंद हो चुकी थी और उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की गई।
जानकारी के अनुसार एमपी के मुरैना जिला अस्पताल में बागचीनी थाना क्षेत्र के हड़बांसी गांव निवासी 37 वर्षीय रामकुमार उर्फ बंटी शाक्य एक निजी स्कूल बस के चालक थे। रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और कुछ ही देर में वे बेहोश हो गए। साथी और परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका आरोप है कि डॉक्टर करीब 15 मिनट तक मरीज को देखने नहीं पहुंचे, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका। इतना ही नहीं, विरोध करने पर अस्पताल की महिला सुरक्षा गार्ड और अन्य सुरक्षा कर्मियों द्वारा धक्कामुक्की किए जाने का भी आरोप लगाया गया। मृतक की बड़ी बहन सुनीता शाक्य अस्पताल में बिलख-बिलखकर रोती रहीं और कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी तक दे डाली। स्थिति को संभालने के लिए महिला एसआई लक्ष्मी भदौरिया और पुलिस बल को मौके पर पहुंचना पड़ा।
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद परिजन और ग्रामीण कलेक्टर आवास पहुंचे और धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे एसडीएम रामनिवास सिकरवार ने निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ और शव का पोस्टमार्टम कराया गया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं।