देशभर के मंदिरों में चोरी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार! पुलिस ने ऐसे खोला 90 हजार की चोरी का राज
पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए विराग्योदय जैन मंदिर में हुई चोरी का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने उत्तराखंड के दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय नकबजनी गिरोह के सदस्य बताए जा रहे हैं। आरोपियों पर देश के कई राज्यों में मंदिरों और गुरुद्वारों में चोरी के 18 से अधिक मामले दर्ज हैं। दरअसल, 22 मई को एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले की पथरिया स्थित विराग्योदय जैन मंदिर की दो दान पेटियों से करीब 90 हजार रुपये चोरी हो गए थे। वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसडीओपी प्रिया सिंधी के निर्देशन और थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, साइबर सेल की तकनीकी मदद ली और कई राज्यों में आरोपियों की तलाश शुरू की।
करीब दो महीने की लगातार जांच और तीन राज्यों में की गई तलाश के बाद 26 जुलाई को पुलिस ने उत्तराखंड से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी पेशेवर नकबजन हैं और चोरी के बाद तुरंत राज्य बदल देते थे, ताकि पुलिस उनके सुराग तक न पहुंच सके। जांच में सामने आया कि आरोपी कुलवंत पर पहले से 5 और रेशम पर 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, सिक्किम और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में मंदिरों और गुरुद्वारों की रेकी कर रात के अंधेरे में दान पेटियों को निशाना बनाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और किन-किन राज्यों में इन्होंने वारदातों को अंजाम दिया है। पथरिया पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस खुलासे से न सिर्फ एक बड़ी चोरी का राज खुला है, बल्कि कई राज्यों में सक्रिय मंदिर चोर गिरोह की गतिविधियों पर भी बड़ा खुलासा हुआ है।