किसानों को पुलिस ने जबरन रोका और ले गए अस्थाई जेल, रास्तों पर पुलिस, नहीं जाने दिया किसानों को !
किसान दर्जनों वाहनों के साथ किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेट लगाकर उन्हें रोक लिया। उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। जिससे लोगों में नाराज़गी देखने को मिली। पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेट लगाकर किसानों को रोका साथ ही वाहन में बैठे लोगों की जानकारी ली। तस्वीरें एमपी के हरदा जिले की हैं। दरअसल किसान शत प्रतिशत मूंग खरीदी के लिए नर्मदापुरम में होने वाले आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उनके वाहनों को रोक लिया। किसान नेताओं का दावा था की जिले के करीब 50 से ज्यादा चार पहिया वाहनों से किसान आंदोलन में शामिल होंगे। लेकिन आरोप है की पुलिस और प्रशासन के द्वारा उनके साथ अपराधियों के जैसा व्यवहार कर उन्हें उनके हक की लड़ाई में शामिल होने से रोका जा रहा है। किसानों को पकड़ने के बाद उन्हें कडोला गांव के पास बनाई अस्थाई जेल एक गार्डन में लाकर रखा गया।
बताया गया की नर्मदापरम जाते समय हरदा जिले के किसानों ने पुलिस ने रोक दिया। किसान शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर नर्मदापुरम से भोपाल तक प्रस्तावित पैदल मार्च में शामिल होने जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 13 किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले भोपाल कूच की तैयारी कर रहे हैं। जिनकी मुख्य मांग शत-प्रतिशत मूंग खरीदी और खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था लागू करना है। इसी को लेकर हरदा से किसान वाहनों से रवाना हुए थे।
पुलिस ने अबगांव खुर्द के पास बैरिकेट लगाकर किसानों को रोक दिया। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। किसानों की मांग है की सरकार एक एकड़ में केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग खरीद रही है। जबकि किसानों की पूरी मूंग खरीदी जानी चाहिए। इसी को लेकर किसानों के नर्मदापुरम पहुंचकर अन्य जिलों के किसानों के साथ पैदल भोपाल जाकर सीएम आवास घेराव की तैयारी थी। खबर पढ़े जाने तक किसान नज़रबंद थे प्रदर्शन जारी था।