Sagar-बारिश की आस में महिलाओं की अनोखी आस्था, 30 किमी नंगे पांव कलश यात्रा निकाल मांगी अच्छी वर्षा
सागर जिले के खुरई क्षेत्र में इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से किसान चिंता में हैं। खेतों में बोवाई और कृषि कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसलें सूखने की कगार पर हैं। ऐसे में जंगराई गांव की महिलाओं ने अच्छी बारिश की कामना के लिए आस्था का रास्ता चुना है। महिलाएं करीब 30 किलोमीटर की पैदल यात्रा नंगे पांव और सिर पर कलश रखकर सात गांवों के देवी मंदिरों में जल अर्पित कर रही हैं।
खुरई तहसील के जंगराई गांव से शुरू हुई यह धार्मिक यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। महिलाएं सिर पर कलश रखकर और नंगे पांव भक्ति गीत गाते हुए गांव-गांव पहुंच रही हैं। यात्रा के दौरान वे पथरिया जेगन, करमपुर, खिमलासा नई बस्ती, खिमलासा, लमेठी, नाऊखेड़ा, बम्होरी खड़ेरा, सेमरा गनपत सहित कई गांवों के देवी मंदिरों में जल अर्पित कर क्षेत्र में अच्छी वर्षा की कामना कर रही हैं।
महिलाओं का मानना है कि देवी मां की कृपा से अच्छी बारिश होगी और खेतों में खड़ी फसलों को नया जीवन मिलेगा। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसे आज भी ग्रामीण पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभा रहे हैं।
इधर किसान भी आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि फसलों की बुआई के बाद दवा छिड़काव और अन्य कृषि कार्य पूरे कर लिए गए हैं, लेकिन अब समय पर बारिश नहीं हुई तो पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष अब तक कम बारिश होने से खेती पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी प्रार्थना रंग लाएगी और जल्द ही क्षेत्र में अच्छी बारिश होगी। फिलहाल यह कलश यात्रा किसानों की उम्मीद और ग्रामीणों की अटूट आस्था का प्रतीक बन गई है।