Sagar- मूलभूत सुविधाओं के लिए फूटा आदिवासियों का गुस्सा, तहसील पहुंचकर किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
सागर जिले के बीना में मूलभूत सुविधाओं से वंचित आदिवासी परिवारों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। बगसपुर, गोंची और रामसागर की आदिवासी बस्तियों के सैकड़ों ग्रामीण तहसील परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी समस्याओं को लेकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से गांव में रहने के बावजूद आज तक उन्हें शासन की बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल सकी हैं।
पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर और सेवादल कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रमोद राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे। इस दौरान महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने हाथों में ज्ञापन लेकर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि वे कई वर्षों से इन बस्तियों में निवास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें आवासीय भूमि के पट्टे नहीं मिले हैं। इसके अलावा पीने के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं है, बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं है और गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क भी उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे मेहनत-मजदूरी और फेरी लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन पंचायत और प्रशासन की ओर से उन्हें किसी भी सरकारी योजना का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि बार-बार आवेदन और मांग के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनाव के समय विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज भी आदिवासी बस्तियां बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही हैं।
प्रदर्शन के बाद नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।