जीते जी बेटी का अंतिम संस्कार,परिवार ने निभाई रस्में, लव मैरिज के बाद माँ-बाप को ही भूली युवती !
जिस बेटी को माँ-बाप ने बड़े ही नाजों से पाला था। सारे अरमान पूरे किये थे। उसी बेटी का जीते जी अंतिम संस्कार कर दिया। मुक्ति और आत्मा की शान्ति के लिए कर्मकांड भी कर दिया। वजह है की युवती ने लव मैरिज कर ली है। जिससे आहत होकर परिवार ने ऐसा काम किया है। हैरान करने वाल ये मामला उज्जैन जिले के खाचरौद के नरसिंह मंदिर क्षेत्र से सामने आया।
बताया गया की माँ-बाप ने बेटी के कदमों में गिरकर उससे माफी मांगी,मिन्नतें की लेकिन बेटी ज़रा भी नहीं पसीजी, यहां तक की उसने अपने माता-पिता को पहचाने से ही इंकार कर दिया। समाज में बदनामी और लोक लाज के डर से नाराज़ परिजनों ने समाज के लोगों की मौजूदगी में अपनी जीवित बेटी की तस्वीर का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। साथ ही मुक्ति और आत्मा की शान्ति के लिए कर्मकांड कर दिया।
बताया जा रहा है की खाचरौद के नरसिंह मंदिर क्षेत्र में लव मैरिज के बाद एक परिवार ने अपनी नाराजगी और पीड़ा को सार्वजनिक किया। परिवार ने समाज के लोगों की मौजूदगी में जो किया वह चर्चा का विषय बना हुआ है।
परिजनों के मुताबिक उन्होंने बेटी का पालन-पोषण बड़े स्नेह और संघर्ष के साथ किया। लेकिन प्रेम विवाह के बाद परिवार और बेटी के रिश्ते पूरी तरह टूट गए। उनका आरोप है कि थाने में भी बेटी ने अपने माता-पिता और भाई-बहनों को पहचानने से इनकार कर दिया। जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा।
घटना की जानकारी मिलते ही समाज के कई लोग भी मौके पर पहुंचे और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान कुछ समाजजनों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है की प्रेम विवाह के मामलों में विवाह पंजीकरण से पहले माता-पिता को सूचना देने जैसी व्यवस्था पर विचार किया जाए।
गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने विवाह पंजीकरण नियमों में संशोधन का एक प्रस्ताव रखा है। जिसके लिहाज से प्रेम विवाह या भागकर की गयी शादी के पंजीकरण से पहले माता-पिता को सूचना देने, उनके आधार विवरण और मोबाइल नंबर दर्ज करने साथ ही विवाह प्रमाण-पत्र जारी करने से पहले 30 दिन की आपत्ति अवधि रखने का प्रावधान शामिल है। हालांकि मध्य प्रदेश में ऐसा कोई कानून या नियम लागू नहीं है।