हे भगवान बच्चों की जा न से ऐसा खिलवाड़, ज़रा सी चूक और क्या से क्या हो सकता था, देखें ये वीडियो !
स्कूल के बच्चों की जान के साथ ऐसा खिलवाड़ की नज़र हटी और दुर्घटना घटी, सवारी ऑटो में साइकिलें ढोई जा रही हैं। ठूंस-ठूंस कर साइकिलें भरी हुई हैं। कुछ बाहर लटकी हैं तो कुछ ऊपर रखी हुई हैं। स्कूली बच्चे छत पर सवार हैं कुछ बाहर लटके हुए हैं।
जो इस तरह से सफर कर स्कूल जा रहे हैं। थोड़ा-मोड़ा नहीं बल्कि कई किलोमीटर तक बच्चों ने इसी तरह सफर किया। आप सोचिये की अगर ज़रा भी चूक हो जाती तो क्या होता। हैरान करने वाली ये तस्वीरें एमपी के डिंडौरी जिले की हैं। जहां अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं तो जिम्मेदार बच रहे हैं।
डिंडौरी जिले से सामने आये इन वीडियो ने सोचने पर मजबूर कर दिया। ऐसा दावा है की यह वीडियो अमरपुर विकासखंड के एकीकृत माध्यमिक स्कूल उमरिया का है। जहां कक्षा 8वीं के छात्रों को करीब 17 किलोमीटर का जोखिम भरा सफर तय करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक अमरपुर से छात्रों और उनकी साइकिलों को एक ही ऑटो में भरकर स्कूल भेजा गया। साइकिल किस तरह रखी हैं देखा जा सकता है। जबकि बच्चे बाहर लटके हैं कुछ ऑटो की छत पर हैं। ज़रा-सी चूक में जान पर बन आती।
सबसे बड़ा सवाल ये है की ऐसी क्या मजबूरी थी की साइकिलों और बच्चों को इस तरह से भेजना पड़ा। क्या किसी मालवाहक से साइकिल नहीं भेजी जा सकती थी। अगर कोई हादसा होता या घटना घटती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। आखिर बच्चों की जान से ऐसा खिलवाड़ क्यों। जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला क्यों झाड़ रहे हैं। सवालों के जवाबों से क्यों बचा जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए लेकिन यहां तो उनकी ही जान दांव पर लगाई जा रही है।
मामले में स्कूल के प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेना चाही गयी। लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। वीडियो में देखा और सुना जा सकता है की क्या व्यवहार किया जा रहा है।
अब सवाल ये है की क्या सही से जांच पड़ताल की जायेगी। क्या तथ्य सामने आने के बाद जिम्मेदारों पर कार्यवाई की जायेगी। या मामला रफा-दफा कर दिया जायेगा।------