तेज बारिश में भी चक्काजाम, बिजली कटौती से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा! विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन
अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को सड़क पर फूट पड़ा। संजय चौराहे पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने चक्काजाम कर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। खास बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन प्रदर्शनकारी बारिश में भीगते हुए भी अपनी मांगों पर अड़े रहे। आखिरकार प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद ज्ञापन सौंपकर चक्काजाम समाप्त किया गया। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मध्यप्रदेश के सागर संभाग के दमोह जिले के पथरिया में संजय चौराहे पर ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती के विरोध में सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कई दिनों से नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल की जा रही है। दिन ही नहीं, रात में भी कई-कई घंटे बिजली नहीं रहने से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली बंद रहने से पानी की टंकियां और नलकूप संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं किसानों को सिंचाई के लिए समय पर बिजली नहीं मिलने से फसलें प्रभावित हो रही हैं और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। छोटे व्यापारी, दुकानदार और कुटीर उद्योग भी लगातार बिजली कटौती के कारण भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान तेज बारिश होने लगी, लेकिन ग्रामीणों ने बारिश की परवाह किए बिना बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। करीब 20 मिनट बाद नायब तहसीलदार वृंदेश पाण्डेय, थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी, पटवारी रविकांत पटेल और विद्युत विभाग के सहायक अभियंता आर.के. अरोरा मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने, कटौती की समय-सीमा तय करने और आवश्यक होने पर पहले से सूचना देने की मांग की। अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि बिजली विभाग अपने वादे पर कितना खरा उतरता है और क्षेत्रवासियों को कब तक राहत मिलती है।