भाजपा विधायक के पत्र से मची खलबली,ईदगाह और मीनार को अवैध बताने पर गहराया विवाद, कांग्रेस ने घेरा !
ईदगाह के अवैध निर्माण को लेकर भाजपा विधायक ने एक पत्र जारी किया। जिससे अब नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए विधायक के पत्र पर कांग्रेस ने घोर आपत्ति जताते हुए सांप्रदायिक भाषा के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि संबंधित भूमि सालों से राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। पूरा मामला एमपी के रीवा जिले का है। जहां मनगवां विधानसभा से भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। कलेक्टर को लिखे पत्र में उन्होंने अपने क्षेत्र मनगवा की नगर परिषद वार्ड क्रमांक 9 स्थित ईदगाह और मीनार को अवैध निर्माण बताते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की। पत्र में असामाजिक तत्वों द्वारा निर्माण जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर कांग्रेस और स्थानीय लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। साथ ही कहा की ये भाषा न केवल भ्रामक है। बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली भी है।
वायरल पत्र में भाजपा विधायक का आरोप है की मनगवां के वार्ड 9 में बिना अनुमति ईदगाह और मीनार का निर्माण किया गया है। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना खसरे में दर्ज किया गया है। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कर निर्माण हटाने की कार्रवाई करने की मांग की।
विधायक के पत्र के बाद कांग्रेस नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने विरोध जताते हुए कहा की जिस ईदगाह को विधायक अवैध निर्माण और असामाजिक तत्वों से जोड़ रहे हैं। वह मध्य प्रदेश शासन के राजस्व रिकॉर्ड में साल 2012-13 से दर्ज बताई जा रही है। दावा सही है तो पहले राजस्व अभिलेखों की जांच होनी चाहिए। किसी धार्मिक स्थल के संबंध में ऐसी भाषा ठीक नहीं। जनप्रतिनिधि को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे सांप्रदायिक माहौल बिगड़ता है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और विधायक के पत्र पर प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की है।
खैर विधायक के आरोप कितने सही हैं और कितने नहीं तमाम चीजें जांच का विषय हैं। प्रशासन की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति साफ़ हो सकेगी।