दादाजी धूनीवाले दरबार में उमड़े 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु, गुरु पूर्णिमा पर आस्था का महासागर !
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था अपने चरम पर दिखाई दी। दादाजी धूनीवाले दरबार में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा शहर भक्तिमय हो गया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने दादाजी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। दोपहर तक चार लाख से अधिक श्रद्धालु दरबार में माथा टेक चुके थे। भक्ति, सेवा और समर्पण का यह अद्भुत संगम पूरे शहर में देखने को मिला।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतिम दिन तड़के सुबह से ही एमपी के खंडवा में दादाजी धूनीवाले मंदिर में लंबी-लंबी कतारें लग गईं। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित देशभर से पहुंचे श्रद्धालु घंटों इंतजार के बाद दर्शन कर रहे हैं। कई भक्त सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर निशान लेकर दरबार पहुंचे और दादाजी की समाधि पर शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर "जय दादाजी" के जयघोष से लगातार गूंजता रहा।
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पूरा खंडवा शहर एक विशाल सेवा केंद्र में तब्दील हो गया। शहर के 400 से अधिक स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रकार के व्यंजन, प्रसादी, शीतल पेय और फल वितरित किए गए। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया, जबकि कुछ संस्थाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों का वितरण भी किया। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। 850 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं,
जबकि 2 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक दर्शन व्यवस्था, प्रसादी वितरण और श्रद्धालुओं की सहायता में लगातार जुटे हुए हैं। प्रशासन और मंदिर समिति के बेहतर समन्वय से दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है। गुरु पूर्णिमा महोत्सव का मुख्य आकर्षण रात 8 बजे होने वाली 108 दीपों की भव्य महाआरती रहेगी। दीपों की अलौकिक रोशनी और भजन-कीर्तन के बीच पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो जाएगा। खंडवा में गुरु पूर्णिमा का यह महापर्व एक बार फिर आस्था, सेवा और मानवता का भव्य उत्सव बन गया है।