बोरियों में मूंग की जगह मिली मिट्टी, 28 करोड़ की गड़बड़ी का अंदेशा, सरकारी मूंग घोटाले का खुलासा!
सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला बड़ा मामला सामने आया है। समर्थन मूल्य पर खरीदी गई सरकारी मूंग के भंडारण में भारी अनियमितता का खुलासा हुआ है। गुराड़िया कला स्थित कनकधारा वेयरहाउस में जांच के दौरान कई बोरियों में मूंग की जगह मिट्टी भरी मिली। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शुरुआती जांच में शासन को करीब 28 करोड़ 14 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, एमपी के नर्मदापुरम के कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर गठित जांच दल ने कनकधारा वेयरहाउस में रखी 62 हजार से अधिक मूंग की बोरियों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 23 स्टैक की बारीकी से जांच की गई। संदेहास्पद बोरियों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए और एहतियातन पूरे वेयरहाउस को सील कर दिया गया।
प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में वर्ष 2023-24 और 2024-25 की सरकारी मूंग में मिट्टी की मिलावट की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार यह गड़बड़ी बेहद गंभीर है और इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की क्षति होने की आशंका है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर वेयरहाउस प्रबंधक वासुदेव दावडे, तत्कालीन प्रबंधक श्याम हौसले और वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित के खिलाफ माखन नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि किसानों की मेहनत और सरकारी खरीदी व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक ने भी कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकारी खरीदी में सामने आया यह मामला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच आगे भी जारी रहेगी और यदि अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।