Sagar- खबर का असर ! सागर टीवी की खबर के बाद रातों-रात बदली राहतगढ़ सिविल अस्पताल की तस्वीर
पत्रकारिता का सबसे बड़ा उद्देश्य जनहित के मुद्दों को सामने लाना और व्यवस्था को जवाबदेह बनाना होता है। इसका ताजा उदाहरण सागर जिले के राहतगढ़ सिविल अस्पताल में देखने को मिला, जहां सागर टीवी की खबर का बड़ा असर देखने को मिला। अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और रातों-रात अस्पताल की तस्वीर बदल गई। सागर टीवी न्यूज़ ने राहतगढ़ सिविल अस्पताल में फैली गंदगी, अव्यवस्थाओं और मरीजों को हो रही परेशानियों को प्रमुखता से उजागर किया था।
खबर प्रसारित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सीएमएचओ के निरीक्षण से पहले ही अस्पताल परिसर की व्यापक सफाई कराई गई। लंबे समय से गंदगी से घिरे परिसर को साफ कराया गया, पीने के पानी की टंकियों की सफाई की गई और शौचालयों को भी स्वच्छ बनाया गया। अस्पताल परिसर में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कर्मचारियों को तत्काल लगाया गया।
इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्ड, परिसर, पेयजल व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जहां-जहां कमियां मिलीं, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। सीएमएचओ ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल के प्रत्येक हिस्से की जिम्मेदारी अलग-अलग कर्मचारियों को सौंपी गई है। यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर साबित करता है कि जब जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाता है, तो व्यवस्था को भी जवाब देना पड़ता है। सागर टीवी आगे भी आम जनता से जुड़े ऐसे मुद्दों को पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ उठाता रहेगा, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और जिम्मेदार विभाग अपनी जवाबदेही निभाएं।