Sagar- 125 किलोमीटर की आस्था की दौड़ ! बरमान से नर्मदा जल लेकर सागर पहुंचे 300 शिवभक्त, गूंजा हर-हर महादेव
सावन के पवित्र माह में सागर शहर शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। नरसिंहपुर के पावन बरमान घाट से मां नर्मदा का जल लेकर 300 से अधिक शिवभक्त करीब 125 किलोमीटर की डाक कांवड़ यात्रा पूरी कर सागर पहुंचे। रिले पद्धति से बिना रुके दौड़ते हुए कांवड़ियों ने आस्था, अनुशासन और सेवा भाव का अद्भुत उदाहरण पेश किया। यात्रा का समापन बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित मृत्युंजय महादेव मंदिर में भगवान शिव के रुद्राभिषेक और महाआरती के साथ हुआ।
मृत्युंजय महादेव मंदिर भक्तगण और बीएमसी परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य डाक कांवड़ यात्रा की शुरुआत शनिवार सुबह बरमान घाट से हुई। लगभग 300 युवा शिवभक्तों ने मां नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में भरकर रिले प्रणाली से लगातार दौड़ते हुए सागर तक पहुंचाया। इस दौरान किसी भी स्थान पर यात्रा नहीं रुकी। पूरी यात्रा अनुशासन, टीम भावना और शिवभक्ति का अद्भुत संगम बनी रही।
नरसिंहपुर से सागर तक पूरे मार्ग में कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया गया। देवरी, सुरखी, मकरोनिया, सिविल लाइन, गोपालगंज, कटरा और राधा तिराहा सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, जलपान कराया और "हर-हर महादेव" के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यात्रा के दौरान शिवभक्तों ने "पेड़ बचाओ, जल बचाओ और अधिक से अधिक पौधे लगाओ" का संदेश देकर पर्यावरण संरक्षण का भी आह्वान किया।
सागर पहुंचने पर बीएमसी परिसर स्थित मृत्युंजय महादेव मंदिर में मां नर्मदा के पवित्र जल से भगवान शिव का विशेष जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और महाआरती संपन्न हुई। बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर, अधीक्षक डॉ. राजेश जैन, चिकित्सकों, बीएमसी परिवार, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया। यह डाक कांवड़ यात्रा केवल आस्था का उत्सव नहीं रही, बल्कि युवाओं के अनुशासन, सामूहिक प्रयास, सेवा भावना और प्रकृति संरक्षण के संदेश का भी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई। पूरे आयोजन ने सावन की शिवभक्ति को और भी भव्य बना दिया।