सागर- रथों पर सवार होकर निज धाम पहुंचे भगवान जगन्नाथ स्वामी, श्रावण के पहले सोमवार निकली रथयात्रा !
श्रावण मास के पहले सोमवार पर सागर जिले के गढ़ाकोटा में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ स्वामी, मां सहोद्रा और बलदाऊ भैया भव्य रथों पर सवार होकर अपने निज धाम सिद्ध क्षेत्र पटेरिया स्थित जगदीश मंदिर लौटे। इस दौरान श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरे नगर में जय जगन्नाथ के जयकारे गूंजते रहे।
हर वर्ष की तरह इस बार भी सावन के पहले सोमवार पर भगवान जगन्नाथ स्वामी की पारंपरिक रथयात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ, मां सहोद्रा और बलदाऊ भैया पिछले 14 दिनों से बाजार वार्ड स्थित मालगुजार परिवार के जनकपुरी मंदिर में विराजमान थे। निर्धारित परंपरा के अनुसार अब तीनों देव विग्रह अलग-अलग सुसज्जित रथों पर सवार होकर अपने निज धाम के लिए रवाना हुए।
रथयात्रा शुरू होने से पहले मालगुजार परिवार के जगदीश नायक, के.के. नायक, मुकेश नायक और राकेश नायक ने भगवान की विधि-विधान से आरती उतारकर भावपूर्ण विदाई दी। इसके बाद गाजे-बाजे, अखाड़ों और भक्ति गीतों के साथ रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकली। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी, पुष्प वर्षा की और जयकारों के साथ स्वागत किया।
सैकड़ों श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल होकर पूरे रास्ते भगवान के दर्शन करते रहे। भक्ति और उल्लास से सराबोर इस यात्रा का समापन सिद्ध क्षेत्र पटेरिया धाम में हुआ, जहां तीनों रथों के पहुंचने पर महामंडलेश्वर महंत श्री हरिदास जी ने भगवान जगन्नाथ स्वामी, मां सहोद्रा और बलदाऊ भैया की अगवानी की। मंदिर प्रांगण में भगवान की विशेष आरती की गई और पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार राई और नमक से नजर उतारी गई। इसके बाद तीनों देव विग्रहों को पुनः जगदीश मंदिर में विराजमान कराया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर की महिलाओं ने मंगल गीत और बधाइयां गाकर भगवान का स्वागत किया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जिसने श्रावण के पहले सोमवार को और भी विशेष बना दिया।