गर्ल्स टॉयलेट इस्तेमाल करने के आरोप पर घिरे प्राचार्य! छात्राओं ने कलेक्टर से लगाई गुहार
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक सरकारी स्कूल का मामला सामने आया है, जहां छात्राओं ने अपने ही प्राचार्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक सांदीपनि ईसानगर विद्यालय की छात्राएं जनसुनवाई में पहुंचीं और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए प्राचार्य को तत्काल हटाने की मांग की। छात्राओं का कहना है कि स्कूल में उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल नहीं मिल रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जिला प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखी। छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति बार-बार मना करने के बावजूद गर्ल्स टॉयलेट का उपयोग करते हैं। उनका कहना है कि इससे छात्राओं को असहजता का सामना करना पड़ता है और स्कूल का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य उनसे बदतमीजी से बात करते हैं, अनुचित व्यवहार करते हैं और कई बार उन पर अनावश्यक दबाव भी बनाते हैं। इन कारणों से छात्राओं में नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। छात्राओं ने ज्ञापन में मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक प्राचार्य को पद से हटाया जाए या उनके खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
फिलहाल, यह आरोप छात्राओं द्वारा लगाए गए हैं। प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति का पक्ष इस मामले में सामने नहीं आया है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन ने छात्राओं की शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच का आश्वासन दिया है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। यह मामला स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा, गरिमा और विश्वास से जुड़ा है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और समय पर कार्रवाई न केवल न्याय सुनिश्चित करती है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए भी बेहद जरूरी मानी जाती है।