लौट लगाते हुए 20 किलोमीटर की यात्रा पर निकला 30 वर्षीय भक्त, मां चामुंडा की भक्ति में अनोखी तपस्या!
भारत आस्था और आध्यात्म की भूमि है, जहां श्रद्धा के अनगिनत रंग देखने को मिलते हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से भी एक ऐसा ही अनोखा दृश्य सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। महज 30 वर्षीय एक युवक मां चामुंडा के दर्शन के लिए करीब 20 किलोमीटर तक लौट लगाते हुए यात्रा कर रहा है। उसकी अटूट श्रद्धा और समर्पण लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। यह अनोखी तपस्या करने वाले भक्त का नाम कमल दास बैरागी है, जो खाचरौद तहसील के विक्रमपुर गांव के निवासी हैं। कमल दास ने मां चामुंडा की आराधना के लिए लौट लगाकर मंदिर तक पहुंचने का संकल्प लिया। दो दिनों की कठिन यात्रा के दौरान वह लगातार मां का स्मरण करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
यात्रा के दौरान जब कमल दास नागदा पहुंचे, तो स्थानीय लोगों ने उनकी आस्था को नमन करते हुए फूल-मालाओं से स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे लगाए और उनकी यात्रा की सफलता की कामना की। स्वागत के बाद कमल दास फिर मां चामुंडा के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े। कमल दास ने बताया कि यह संकल्प उन्होंने किसी दिखावे के लिए नहीं, बल्कि मां की प्रेरणा से लिया है। उनका कहना है कि उन्हें भीतर से ऐसा करने की प्रेरणा मिली और उसी विश्वास के साथ वह यात्रा पर निकल पड़े।
जब उनसे पूछा गया कि इन दिनों सावन का महीना है और अधिकांश श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में लगे हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, भक्ति का कोई मौसम या समय नहीं होता। सच्ची भक्ति दिल से की जाती है। चाहे वह भगवान शिव हों या मां चामुंडा, श्रद्धा सबसे बड़ी होती है। कमल दास की यह अनोखी यात्रा अब लोगों के लिए आस्था, समर्पण और विश्वास की मिसाल बन गई है। रास्ते में जहां-जहां से वह गुजर रहे हैं, श्रद्धालु उनके दर्शन कर उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। उनकी यह तपस्या एक बार फिर यह संदेश देती है कि सच्ची भक्ति में कठिन से कठिन मार्ग भी आसान हो जाता है।